UP के बाहर 7 राज्यों में फैला है मुख्तार अंसारी के डर का कारोबार, देश के सबसे खूंखार गिरोह की ये है पूरी कहानी

Mar 12, 2023 - 06:18
Mar 12, 2023 - 06:28
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UP के बाहर 7 राज्यों में फैला है मुख्तार अंसारी के डर का कारोबार, देश के सबसे खूंखार गिरोह की ये है पूरी कहानी
UP के बाहर 7 राज्यों में फैला है मुख्तार अंसारी के डर का कारोबार, देश के सबसे खूंखार गिरोह की ये है पूरी कहानी

माफिया मुख्तार अंसारी का दबदबा अभी कम नहीं हुआ है। शायद वो अब भी जेल की दीवारों के पीछे रहकर काफी कुछ कर सकता है। इसलिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसके गैंग को देश का सबसे खूंखार आपराधिक गिरोह तक कह दिया। आज हम आपको मुख्तार के नेटवर्क के बारे में बता रहे हैं।

हाइलाइट्स

यूं ही नहीं कोर्ट ने कहा मुख्तार गैंग को सबसे ज्यादा खूंखार
मुख्तार अंसारी पर दर्ज हैं देशभर में 61 मुकदमें, 24 विचाराधीन
केवल तीन मुकदमों में अब तक मुख्तार अंसारी को मिली सजा

माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की दहशत चार दशक चली आ रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूं ही नहीं कहा है कि मुख्तार का गैंग देश का सबसे खूंखार आपराधिक गिरोह है, क्योंकि इस गैंग का एक-दो नहीं बल्कि आठ राज्यों में बड़ा नेटवर्क है। फिर चाहे वह मुंबई हो या गुजरात या पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, दिल्ली और एमपी। कई बड़ी वारदात में उसके खिलाफ सुबूत भी नहीं मिले और वह बरी होता गया। मुख्तार के खिलाफ देशभर में 61 मामले दर्ज हैं, जिनमें 24 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।

जब यूपी में कोयले के काले बाजार में बृजेश सिंह गैंग की वजह से मुख्तार जगह नहीं बना पाया तो उसने गुजरात में बिसात बिछाई। दरअसल, गुजरात के पावर प्लांटों में कोयले की बड़े पैमाने पर खपत थी। मुख्तार ने कुख्यात एजाज लकड़वाला और फरजू रहमान के जरिए गुजरात में सिंडिकेट तैयार कर कोयला सप्लाई पर कब्जा जमा लिया। मुख्तार ने महाराष्ट्र में खासतौर से मुंबई में तेल के प्राइवेट रिजर्वायर में शूटर मुन्ना बजरंगी के बल पर एकाधिकार बनाया।

तीन राज्यों में बना दबदबा

1994 से 2016 तक पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के नामी गैंगस्टर जसविंदर सिंह रॉकी की मदद से मुख्तार ने इन प्रदेशों के गैंग्स में अपनी पकड़ मजबूत की। वाराणसी के नंद किशोर रूंगटा अपहरण व हत्याकांड में मुख्तार के साथ रॉकी सह अभियुक्त था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब तक रॉकी जिंदा रहा, तब तक पंजाब के शूटर्स का यूपी में और यूपी के शूटर्स का पंजाब, हरियाणा व राजस्थान में जमकर इस्तेमाल हुआ। 2016 में रॉकी की हत्या हुई तो पांच संदिग्धों के नाम सामने आए। ये सभी एक-एक करके मर गए। किसी की भी मौत में हत्या की बात सामने नहीं आई, लेकिन किसी की भी मौत नैचुरल भी नहीं थी। इन मौत के पीछे भी मुख्तार गैंग की चर्चा रही।

पंजाब से तनातनी की वजह बना

जब योगी सरकार ने मुख्तार पर शिकंजा कसा तो वह पंजाब में दर्ज एक मुकदमे में वहां चला गया। यूपी सरकार ने कई बार मुख्तार को लाने की कोशिश की, लेकिन पंजाब सरकार उसे रोकती रही। इसके बाद यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची और 6 अप्रैल, 2021 को मुख्तार को बांदा जेल लाया गया। साल 2016 में सपा में मुख्तार और उनके परिवार को शामिल करने को लेकर यादव परिवार में विवाद हो गया था। 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान मायावती को फिर मुख्तार की याद आई। बसपा उम्मीदवार के रूप में मुख्तार ने पांचवीं बार मऊ सीट से जीत हासिल की। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले बीएसपी ने फिर उससे किनारा कर लिया।

40 साल लग गए सजा होने में

मुख्तार गैंग की दहशत किस कदर गवाहों और सरकारों पर भारी थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 50 से ज्यादा गंभीर मामलों में आरोपित होने के बाद भी उसे सजा होने में 40 साल से ज्यादा लग गए। हालांकि, अब तक तीन मुकदमों में उसे सजा हो चुकी है और कई मुकदमे लाइन में हैं। मुख्तार को बीते छह साल में कई तगड़े झटके भी लगे हैं। उसके कई करीबी शूटर मारे गए। हालांकि, जेलों में अब भी मुख्तार का नेटवर्क चल रहा है। हाल ही में चित्रकूट जेल में सामने आया कि वहां कैसे उसका बेटा अब्बास अवैध तरीके से मुलाकातें और फोन पर बात कर रहा था।

छह साल में हुए ऐक्शन

573 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां जब्त/ध्वस्त की गईं मुख्तार और उसकी गैंग की
213 करोड़ रुपये की चोट पहुंचाई गई अवैध व्यवसाय बंद करवा कर

मुख्तार अहमद से जुड़े कुछ केस

केस-1 : वाराणसी की पुलिस लाइंस में चलती जीप से गोली चलाकर हेड कॉन्स्टेबल राजेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई थी। राजेंद्र बाहुबली बृजेश सिंह के करीबी त्रिभुवन सिंह का भाई था। कहते हैं कि राजेंद्र को गोली मुख्तार अंसारी ने मारी, क्योंकि चलती जीप पर ऐसे निशाना लगाना सिर्फ मुख्तार के बस की ही बात थी।

केस-2 : मऊ में 2005 में भरत मिलाप के दौरान हुए दंगों के बाद मुख्तार का एक वीडियो आया था। इसमें वह खुली जिप्सी में अपने असलहाधारी लोगों के साथ दंगाग्रस्त इलाकों में घूम रहा था। इस विडियो से मुख्तार ने अपने दबदबे का संदेश दिया था।

केस-3 : 2005 में सैकड़ों राउंड फायरिंग कर बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय समेत सात लोगों की हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में मुख्तार का नाम आया। सीबीआई ने मामले की जांच की, लेकिन मुख्तार समेत अन्य आरोपित बरी हो गए। यह भी साबित नहीं हो सका कि विधायक की हत्या किसने की और करवाई?

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